ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह परमाणु हथियार नहीं रखेगा। इस बात पर उसने सहमति जताई है और यह बयान पहले दौर की वार्ता में भी दिया जा चुका है. ईरान की यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति को बढ़ावा मिलता है. यह घोषणा वार्ता के दौरान राजनीतिक समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.