इंदौर हाई कोर्ट ने भोजशाला को मंदिर घोषित किया है लेकिन इस फैसले पर असदुद्दीन ओवेसी ने गंभीर प्रश्न उठाए हैं. उन्होंने इस फैसले की तुलना बाबरी मस्जिद फैसले से की है और सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि वह इस मामले को सुलझाए और हाई कोर्ट के फैसले को रद्द करे. यह विवाद धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है और देश में संवेदनशीलता को दर्शाता है. सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में यह मुद्दा न्यायिक समाधान खोजने की उम्मीद है.