तेल की कीमतें करीब ₹100 प्रति बैरल तक पहुंचने के कारण भारतीय और एशियन बाजारों में बेचैनी बढ़ गई है. ईस्ट एशिया के प्रमुख बाजारों जैसे कोरिया के कॉस्पी और जापान के निक्की में ट्रेडिंग धीमी पड़ गई है और सर्किट ब्रेकर लगाना पड़ा है. डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत में भी गिरावट आई है जिससे भारतीय बाजार प्रभावित हो रहे हैं. ये स्थिति उन देशों के लिए चिंता का विषय है जो ऊर्जा आयातक हैं. माना जा रहा है कि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी जल्द ही इस बारे में बयान देंगे, हालांकि सरकार ने पैनिक की कोई जरूरत नहीं बतायी है.