भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद से संसद में स्पीकर के व्यवहार में एक बदलाव देखा गया है. अक्सर सत्ता पक्ष के नेताओं की बातों को अधिक समय और सम्मान दिया जाता है जबकि विपक्षी दलों के नेताओं के माइक्रोफोन बार-बार बंद कर दिए जाते हैं. यह स्थिति खासकर तब नजर आती है जब विपक्ष कोई नो कॉन्फिडेंस मोशन लाना चाहता है.