खाड़ी के देशों में जो संकट बना है उस का उनकी अर्थव्यवस्था पर गहरा असर हुआ है. खास तौर से अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्र प्रभावित हुए हैं जिसमें एविएशन और तेल की आवाजाही मुख्य हैं. तेल के ट्रांसपोर्टेशन में भी इस संकट से बड़ी बाधा आई है, जिससे इन देशों की आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ा है. इस संकट ने ना सिर्फ व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित किया है बल्कि वैश्विक तेल बाजार पर भी इसका असर हुआ है.