हुमांयू कबीर ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि इस बार ऊट, गाय और बक की कुर्बानी निश्चित रूप से होगी. उन्होंने जोर देकर कहा है कि कोई भी उन्हें कुर्बानी देने से रोक नहीं सकता. यह बयान कुर्बानी के महत्व और उसकी अनिवार्यता को दर्शाता है. कुर्बानी का यह संदेश लोगों में उत्साह और प्रतिबद्धता को बढ़ावा देता है, जिससे यह पर्व अपनी परंपरागत महत्ता के साथ मनाया जाएगा.