दिल्ली दंगों में जिन 53 लोगों की जान गई, उनके परिवारों को भारी आघात पहुंचाया गया जब दंगों के मुख्य आरोपियों को जेल से बाहर आकर समर्थकों ने भव्य स्वागत किया. ये लोग जिन्होंने गंभीर अपराध किए और हजारों लोगों का जनहानि कराई, उन्हें नायक जैसी शोभा समाज में दी जा रही है.