एआई के माध्यम से खेती में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है जो न केवल किसानों की मदद करता है बल्कि नौकरियों को भी खतरे में नहीं ड़ालता. मिट्टी और फसल की जरूरतों का सही आंकलन एआई तकनीक से संभव हो पाया है.सेंसर डेटा और मशीनों के जरिये टेंपरेचर, ह्यूमिडिटी, विंड स्पीड, रीफॉल इंटेंसिटी जैसे कई पर्यावरणीय फैक्टर्स को मॉनिटर किया जाता है.