असम के जनता ने उन्हें अपना पेरा बना दिया है और आगे भी उनका कहना है कि उनकी कुछ जिम्मेदारी बाकी है जिसे वह पूरी निष्ठा से निभाएंगे. यह संवाद उनके सार्वजनिक जीवन और सामाजिक दायित्व को दर्शाता है जहाँ वह पूरी मेहनत से अपने कर्तव्यों का पालन करने का वादा कर रहे हैं.