डॉक्टर मनमोहन सिंह और श्रीमती सोनिया गांधी ने एक ऐसी योजना बनाई थी जो भारत की ग्रामीण जनसंख्या को घर के पास रोजगार प्रदान करे. इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा पूरा धन प्रावधान था. इस बिल के पास होने के बाद यह आवश्यक था कि घर के दो किलोमीटर के दायरे में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं. यदि अधिकारी रोजगार नहीं देंगे तो बेरोजगारी भत्ता दिया जाना तय था.