34 वर्षों तक बंगाल पर शासन करने वाला लेफ्ट का दौर समाप्त हो गया और सत्ता में ममता बनर्जी का आगमन हुआ. इस बदलाव के साथ ऐसा लगा जैसे बंगाल की ठहरी हुई अर्थव्यवस्था फिर से सक्रिय होगी. उद्योग वापस लौटेंगे, नए रोजगार के अवसर बनेंगे और वह राज्य जो कभी भारत की अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र था, पुनः अपनी पहचान बनाएगा. यह बदलाव लोगों में उम्मीद और विश्वास की नई लहर लेकर आया जिसके साथ बंगाल विकास की ओर कदम बढ़ाएगा.