पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के 18 सितंबर को दिए बयान पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है. एजी नूरानी स्मृति व्याख्यान में उन्होंने नूरानी की किताब का जिक्र करते हुए जवाहरलाल नेहरू से जुड़ी एक पुरानी टिप्पणी का हवाला दिया. इस टिप्पणी में हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता को भारत के लिए खतरा बताया गया था. इसके बाद बीजेपी और योगी आदित्यनाथ ने आलोचना की, जबकि ओवैसी ने अंसारी का समर्थन किया.