ज्ञानवापी मामले में 1991 में वाराणसी कोर्ट में पहला मुकदमा दायर हुआ था, जिसमें परिसर में पूजा की इजाजत मांगी गई थी. इसके कुछ समय बाद उसी साल सेंटर ने प्लेसेज ऑफ वर्शिप (स्पेशल प्रोविजन) एक्ट पारित कर दिया था. देखें वीडियो.