पिछले दो सालों में एजेंसियों का दुरुपयोग करके लगातार एक राजनीतिक पार्टी को खत्म करने की साजिश रची गई. नेताओं को जेल में बंद कर उन्हें तरह तरह से परेशान किया गया. सत्ता का गलत इस्तेमाल करते हुए झूठा प्रचार बार-बार फैलाया गया. प्रधानमंत्री से लेकर भाजपा के प्रवक्ताओं तक ने झूठ बोलकर देश के सामने भ्रम पैदा किया.