गौरव गोगोई का कहना है कि जब सदन में माइक नहीं मिलता और ही लोग बोलने के लिए माइक नहीं देते, तब कैसे डिस एलो की स्थिति बनती है, यह समझना जरूरी है. देश को यह जानना चाहिए कि हमारे लोकतंत्र का संचालन किस प्रकार हो रहा है और सदन के नियमों का किस प्रकार उल्लंघन किया जा रहा है.