देश को यह समझना चाहिए कि संसद सदन कैसे काम कर रहा है. सदन के अंदर माइक अब एक हथियार की तरह बन चुका है. सत्ता पक्ष को माइक की सुविधा आसानी से मिलती है जबकि विपक्ष विशेषकर लोप को बोलने का मौका नहीं मिलता. यह स्थिति लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है क्योंकि सभी पक्षों को समान रूप से आवाज़ देने का अधिकार मिलना चाहिए.