23 अप्रैल को गंगा सप्तमी का पावन पर्व मनाया जाएगा, जो मां गंगा के प्राकट्य का दिन है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गंगाजल की शुद्धता युगों-युगों तक बनी रहती है और इसमें स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है. इस विशेष दिन पर गंगा नदी में दुग्धाभिषेक, तिल दान और पितरों का तर्पण करने से सुख-समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है. यदि गंगा घाट जाना संभव न हो, तो घर पर ही गंगाजल का उपयोग कर पूजन और दान-पुण्य करना अत्यंत फलदायी माना गया है