जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय को लेकर विवाद कोई नई बात नहीं है. यह वही विश्वविद्यालय है जहां भारत के टुकड़े होंगे जैसे नारे लगाए गए थे और जहां कसाब की फांसी पर आंसू बहाए गए थे. इस विश्वविद्यालय की गतिविधियां और मानसिकता लोगों के बीच परिचित हैं. यह मुद्दा समय-समय पर चर्चा में आता रहा है और इसके कारण अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं.