इस समय सबसे ज्यादा ध्यान ईरान के आर्थिक प्रतिबंधों पर है. श्वेता ने बताया कि विभिन्न समितियों का काम यह दिखाना होगा कि इन प्रतिबंधों से ईरान की आर्थिक स्थिति को कितना नुकसान पहुंचा है.