खामनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन हुए जिनमें कई लोग मारे गए। कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हुई फायरिंग का बड़ा खुलासा हुआ है कि यह गोलीबारी अमेरिकी सुरक्षा कर्मियों ने नहीं बल्कि अमेरिकी मरीन सैनिकों ने की थी। उस दिन दूतावास की सुरक्षा अमेरिकी मरीन्स के जिम्मे थी। भारी संख्या में लोग प्रदर्शन करने कराची पहुंचे और दूतावास में तोड़फोड़ की कोशिश की। पुलिस ने विरोधकारियों को रोकने का नाटक किया, लेकिन गोलीबारी अमेरिकी मरीन सैनिकों ने की। इस घटना में 30 से अधिक लोग हताहत हुए।