फीफा का यह मैच गोलों की बारिश वाला रहा जिसमें इंग्लैंड ने पहले हाफ में चार गोल करके बढ़त बनाई. दूसरे हाफ में किलियन एम्बाप्पे के नेतृत्व में फ्रांस ने वापसी की कोशिश की लेकिन बोकायो साका की हैट्रिक और जूड बेलिंगहम के अंतिम मिनट के गोल ने इंग्लैंड की जीत सुनिश्चित की. यह मुकाबला वर्ल्ड कप इतिहास के सबसे ज्यादा गोल वाले तीसरे स्थान के मैचों में से एक बन गया.