दुनिया के कई देश अब विदेशी मुद्रा भंडार में बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. केंद्रीय बैंक डॉलर पर निर्भरता कम कर विविध विकल्प तलाश रहे हैं. ये संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में वैश्विक आर्थिक संतुलन और मुद्रा प्रणाली में बड़े परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं.