दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद जीतकर सुर्खियां बटोरी हैं. वे पहले एनएसयूआई से जुड़े थे, लेकिन टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय मैदान में उतरे. दीपांशु के पिता दिल्ली परिवहन निगम में बस कंडक्टर हैं. छात्र मुद्दों को लेकर उन्होंने लंबे समय तक नंगे पैर अभियान चलाया. अंतिम नतीजों में उन्हें 30,615 वोट मिले और उन्होंने उपाध्यक्ष पद अपने नाम किया.