पिछले हफ्ते ही अनुमान लगाया जा रहा था, कि कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है. लेकिन कीमत अचानक 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएगी. इतना कुछ हो जाने के बाद भी चीन बिल्कुल चुप है, इस चुप्पी के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?