अजरबैजान पाकिस्तान और तुर्की ने जो बयान दिए उनका विश्लेषण करने पर पता चलता है कि ये तीन देश इस मामले में अलग हैं जबकि बाकी देशों ने इस घटना पर गहराई से विचार किया है. रूस ने सबसे पहले इस मुद्दे पर बयान दिया और इसे हत्या बताया, लेकिन बाद में उसने रणनीतिक रूप से अपनी भूमिका निभाने की कोशिश की.