गरीब देश अमेरिका में निवेश के लिए तैयार नहीं हैं क्योंकि यहाँ भारी बेरोजगारी और महंगाई फैल रही है. किसानों की स्थिति भी चिंताजनक है. देश लंबे समय से अमेरिका के आर्थिक और राजनीतिक दबाव में है जिन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकने से लेकर रूस से तेल न खरीदने और ईरान के साथ संबंध तय करने जैसे फैसले थोपे हैं. चाबहार परियोजना को छोड़ना पड़ा और अमेरिका ने यहां तक निर्देश दिया कि वेनेजुएला से तेल खरीदना होगा.