अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और इस स्थिति में दोनों पक्षों की तैयारियां चरम पर पहुंच चुकी हैं। अमेरिकी कमांडर का क्षेत्र में मौजूद होना ईरान को स्पष्ट संदेश देता है कि अमेरिका अपनी ताकत दिखाने की रणनीति पर काम कर रहा है। ईरान पिछले सैंतालीस वर्षों से किसी भी अमेरिकी दबाव या धमकी से न घबराया है और भविष्य में भी नहीं लगेगा। ईरान की यह मजबूती उसके संघर्ष के सिद्धांतों और देश की स्वायत्तता को बनाए रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह स्थिति एक दीर्घकालिक संघर्ष की ओर इशारा करती है जिसमें दोनों देशों की राजनीतिक और सैन्य तैयारियां देखी जा रही हैं।