स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी के दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य के संबंध में जो बताया गया है, उसमें यह स्पष्ट किया गया है कि सदन के भीतर खड़े होकर गलत बयानी करना एक गंभीर अपराध है. यह न केवल सदन के प्रति बल्कि सनातन धर्म के अनुयायियों के प्रति भी अपराध माना जाता है.