अगर किसी का नाम काटना है तो फॉर्म सेवेन भरना होता है. लेकिन जब फॉर्म सेवेन भरा जाता है और नाम संबंधित व्यक्ति फिजिकल रूप से उपस्थित होता है तो फॉर्म खुद ही कट जाता है. इस प्रक्रिया में कोई चिल्लाहट या आरोप-प्रत्यारोप समझ में नहीं आता. साथ ही इस मामले में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट जैसी घटनाएं हो रही हैं जो उचित नहीं हैं.