1995 की वह घटना आज भी सभी के जहन में ताजा है जब प्रदेश की पहली दलित मुख्यमंत्री के साथ स्टेट गेस्ट हाउस में खतरा पैदा हो गया था. इस दौरान स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी जी ने अपनी जान जोखिम में डालकर समाजवादी पार्टी के गुंडों से मुकाबला किया. उनकी बहादुरी से ही सुश्री मायावती सुरक्षित रह सकी.