मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी फार्मा कॉन्क्लेव में 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में कई दंगे हुए और कर्फ्यू की स्थिति बनी रही. व्यापारियों और उद्यमियों को गुंडा टैक्स देना पड़ता था. उस दौर में प्रशासन कमजोर था और सरकार के पास कोई ठोस नीति नहीं थी. उन्होंने कहा कि तब सुरक्षा की कमी के कारण कई उद्यमी प्रदेश छोड़ने की योजना बना रहे थे. वर्तमान में हालात बदले हैं और बेहतर कानून व्यवस्था लागू की गई है.