यह घटना बहुत ही संवेदनशील थी जो सभी के लिए हृदय विदारक थी. उस समय राज्य के मुख्य सेवक के रूप में तत्काल जानकारी मिलने पर सभी आरोपीयों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की गई. महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी जांच के लिए कमिटी गठित की गई जहां परिवार और अन्य लोग भी अपनी जानकारियां प्रदान कर सके. इस केस की पूरी जांच की गई और सार्वजनिक सूचना भी जारी की गई ताकि यदि किसी के पास कोई जानकारी हो तो वह एसआईटी को दे सके.