रमजान के दौरान कई नकली एनजीओ स्थापित होते हैं जो पैसे इकट्ठा करते हैं, लेकिन उस पैसे का सही उपयोग नहीं होता. कुछ नकली एनजीओ मरीजों के नाम पर भी पैसा जुटाते हैं जबकि उन्हें पता नहीं होता कि मरीज हैं या नहीं. असली एनजीओ को इस वजह से नुकसान होता है क्योंकि उन्हें मिलने वाला धन कम हो जाता है. डीसी साहब से भी इस समस्या को लेकर शिकायत की गई है ताकि असली एनजीओ को फायदा पहुंचे और घपलेबाजों पर कार्रवाई हो सके.