चीन के प्रॉपर्टी बाजार में भारी गिरावट से कीमतें 20 साल पुराने स्तर पर पहुंचीं. ओवर-सप्लाई और कंपनियों के संकट से हालात बिगड़े, भारत में भी डर बढ़ा, हालांकि एक्सपर्ट्स जोखिम कम मानते हैं.