लोकसभा में उद्धव ठाकरे की शिवसेना के सांसदों की संख्या अब सिर्फ तीन रह गई है, जबकि शिंदे गुट के सांसदों की संख्या तेरह हो गई है. इसके साथ ही लोकसभा में एनडीए के कुनबे में बढ़ोतरी भी हुई है, जबकि इंडिया गठबंधन को भारी नुकसान हुआ है. यह राजनीतिक बदलाव महाराष्ट्र के सियासी परिदृश्य को प्रभावित कर रहे हैं.