अमिताभ जी ने बताया कि अंटार्कटिका जैसे निर्जन जगहों पर धरती के चुम्बकीय क्षेत्र में हो रहे बदलाव ग्लोबल वेदर पैटर्न पर पड़ सकते हैं. धरती के अंदर निकेल और आयरन के ठोस और लिक्विड कोर के कारण धरती एक इलेक्ट्रो मैग्नेट की तरह काम करती है. जब लिक्विड कोर का फ्लो स्मूथली चलता है तो नॉर्थ और साउथ पोल स्थिर रहते हैं.