सरकार ने घरेलू हवाई उड़ानों के किराए पर लगी कैपिंग हटा दी है. इसका मतलब एयरलाइंस अब अपने हिसाब से हवाई टिकट के दाम तय करेंगी. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइंस पर कड़ी नजर बनाए रखी है और कंपनियों को पारदर्शिता तथा संतुलित मूल्य निर्धारण की सलाह दी गई है ताकि यात्रियों पर अनावश्यक बोझ न पड़े.