भारत में बायोफार्मा विनिर्माण को बढ़ाने के लिए एक व्यापक रणनीति विकसित की जा रही है जिसमें स्वास्थ्य सुधार और नवाचार का समावेश है. गैर संचार रोग जैसे कैंसर, डायबिटीज और ऑटोइम्यून ऑर्डर को ध्यान में रखते हुए किफायती दवाइयां उपलब्ध कराना प्राथमिक लक्ष्य है. अगले दस वर्षों में दस हज़ार करोड़ रुपए की योजना से बायोलॉजिक्स क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा. फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान के लिए तीन राष्ट्रीय संस्थान स्थापित किए जाएंगे.