उज्जवल निकम ने कहा कि 1993 में मुंबई में बारह अलग-अलग जगह एक ही समय में हुए बम धमाकों ने पूरे देश को सकते में डाल दिया. मुंबई में एक साढ़े बारह से डेढ़ बजे के बीच ये धमाके हुए जिससे कई लोग अपनी जान गंवा बैठे.