आज यदि किसी को शर्म आ रही है तो वह राहुल गांधी और पी चिदंबरम हैं, जिन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को डेड बुलाया था. पी चिदंबरम ने कहा था कि भारत का गरीब कभी भी वित्तीय लेनदेन नहीं कर सकता था. ऐसे बयान न केवल गलत हैं बल्कि देश की आर्थिक स्थिति को समझने में भी कमी दर्शाते हैं. इन दोनों नेताओं को अपनी गलतफहमी के लिए माफी मांगनी चाहिए और देश के आर्थिक विकास में योगदान देने का प्रयास करना चाहिए.