बिहार के बगहा में ग्रामीणों ने वर्षों तक पुल का इंतजार करने के बाद खुद ही समाधान निकाल लिया. गांव के लोगों ने चंदा जुटाया, श्रमदान किया और करीब ढाई लाख रुपये की लागत से पहाड़ी नदी पर लोहे का पुल तैयार कर दिया. इस पहल से लोगों की आवाजाही आसान हुई है. ग्रामीणों का यह प्रयास एकजुटता और आत्मनिर्भरता की मिसाल के रूप में चर्चा में है.