अयोध्या के राम मंदिर में 22 जनवरी को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई. इंडिया गठबंधन के ज्यादातर नेताओं के लिए ये बीजेपी के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन का दिन था. वो सड़क पर उतरकर अयोध्या समारोह के बहिष्कार के फैसले को सही साबित कर सकते थे. लेकिन, ऐसा कम ही देखने को मिला.