चंपत राय के इस्तीफे ने दोनों पक्षों के लिए एक लाभकारी परिस्थिति बनाई है. विश्व हिंदू परिषद ने इस इस्तीफे से राहत की सांस ली है, क्योंकि अब विपक्षी चुप्पी साधे हुए हैं. विपक्षी इसे अपनी मांग पूरी होने की सफलता मान रहे हैं.