देश में जो हालात बन गए हैं, वे चिंताजनक हैं. डेमोक्रेसी खतरे में नजर आ रही है और ऐसा माहौल बन गया है जैसे अघोषित इमरजेंसी घोषित हो गई हो. देश की न्यायपालिका, सुरक्षा एजेंसियां और सभी संबंधित लोग दबाव के तहत काम कर रहे हैं. विपक्ष के कोई भी सदस्य, पत्रकार, साहित्यकार या पॉलिटिकल वर्कर कुछ भी विरोध करते हैं तो उनके खिलाफ सीधे कार्रवाई की जाती है और उन्हें जेल में डाला जाता है.