असदुद्दीन ओवैसी का कहना है कि भारत के संविधान में substantive equality का मतलब होता है कि केवल संतुलन की नहीं, बल्कि कमजोर वर्गों को न्याय और समान अवसर मिलें. जब दो व्यक्ति में से एक कमजोर होता है, तो उसे वास्तव में equality दी जानी चाहिए ताकि वे बराबरी पर आ सकें.