पूरी दुनिया को रोजाना करीब 100 मिलियन बैरल ऑयल की जरूरत पड़ती है. इसमें से करीब 20–25 प्रतिशत ऑयल होर्मुज से होकर गुजरता है, जबकि बाकी तेल कई दूसरे समुद्री रास्तों और पाइपलाइनों के जरिए अलग-अलग देशों तक पहुंचाया जाता है. ऊर्जा व्यापार में इन महत्वपूर्ण मार्गों को ऑयल चोकपॉइंट्स कहा जाता है. जानिए इन मार्गों के नाम...