मोदी सरकार ने पिछले बारह वर्षों में भारत के प्रजातंत्र और उसकी संस्थाओं पर एक गंभीर हमला किया है. यह हमला एक हजार साल पहले गजनी से भी बड़े पैमाने पर है.