शिवसेना के नगर सेवक विभिन्न रूपों में नजर आ रहे हैं। एक तरफ वे सड़कों पर रहकर जनता की सेवा में जुटे हैं, तो वहीं कुछ नगर सेवक पांच सितारा होटलों में आराम फरमा रहे हैं। इससे यह बात समझ में आती है कि सत्ता प्राप्ति के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि जल्दी ही मुंबई समेत अट्ठाईस महानगर पालिकाओं को महापुरुष मिलेंगे ताकि जनता के कार्य सुचारू रूप से चल सकें। यह स्थिति राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा करती है।