अमेरिका और ताइवान के बीच प्रस्तावित हथियार सौदे को लेकर नई चर्चा तेज हो गई है. रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि ईरान युद्ध की वजह से ताइवान को हथियार सप्लाई में देरी हो रही है, लेकिन सूत्रों ने इसे खारिज कर दिया है. बताया गया है कि हथियार बिक्री की प्रक्रिया कई सालों से चल रही है और इसका ईरान संकट से सीधा संबंध नहीं है. इस मुद्दे ने अमेरिका-चीन संबंधों और एशिया की सुरक्षा राजनीति को फिर चर्चा में ला दिया है.