उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। हालांकि चुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच माना जा रहा था लेकिन अकबरुद्दीन ओवैसी के आने से लोकल राजनीति में नया रंग देखने को मिल रहा है। तेलंगाना के निजामाबाद में हुई रैली के दौरान उन्होंने योगी आदित्यनाथ को खुलेआम चुनौती दी और समर्थकों को उत्तर प्रदेश में राजनीति के मैदान में उतरने का आह्वान किया। इस कदम से यूपी की सियासत में नया मोड़ आया है जो विशेषकर समाजवादी पार्टी के लिए चिंता का विषय हो सकता है। अकबरुद्दीन की इस चेतावनी ने राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना दिया है और आगामी चुनावों की दिशा पर असर डाल सकता है।